Ek Bharatiya Ki Japan Yatra Ek Bharatiya Ki Japan Yatra: The Experiences and Insights of an Indian Traveler in Japan - Rishi Raj
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Publisher
Prabhat Prakashan
ISBN
ISBN-13: 9789353223472 ISBN-10: 9353223474Synopsis
स्वामी विवेकानंद वर्ष 1893 में जापान गए थे। दरअसल; जब वे विश्व धार्मिक सम्मेलन में शिरकत करने शिकागो जा रहे थे तो कुछ अवधि के लिए जापान में रुके थे। उन्होंने जापान के ओसाका; क्योटो और टोक्यो शहरों का भ्रमण किया था। भारत के कई सारे भगवान् जापान में पूजे जाते हैं। भारत में कारों की क्रांति लाने वाला मारुति सुजुकी का संयुक्त उपक्रम; सुभाष चंद्र बोस जैसे महान् क्रांतिकारी के असल मूल्य को जापान ने ही पहचाना व भारत को आज़ाद करवाने के लिए उनको हर संभव सहयोग प्रदान किया। इसके अलावा अन्य क्रांतिकारी रास बिहारी बोस व नायर साहब के बारे में भी इस पुस्तक में है; जिन्होंने टोक्यो में रहते हुए भारत की आज़ादी के लिए बडे़ प्रयास किए।
सन् 1964 में बुलेट टे्रन चली; तब से लेकर 2019 आ गया और आज तक एक भी दुर्घटना नहीं हुई है; जो किसी अजूबे से कम नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जापान प्रेम और अब भारत में बुलेट ट्रेन को लाने की क्या तैयारी है; उस पर भी इस पुस्तक में प्रकाश डाला गया है। दिल्ली मेट्रो के दिव्य स्वप्न को धरातल पर उतारने में जापान के सहयोग को भुलाया नहीं जा सकता। मेट्रो मैन डॉक्टर ई श्रीधरन ने भी जापान का दौरा किया था और कई सारी सुविधाओं का जायज़ा लिया था।
अगर आप जापान जाने वाले हैं या कभी जीवन में जाने का लक्ष्य रखते हैं या फिर आप इच्छुक हैं जापान की संस्कृति व कला को जानने के लिए; तो आपको यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।
सन् 1964 में बुलेट टे्रन चली; तब से लेकर 2019 आ गया और आज तक एक भी दुर्घटना नहीं हुई है; जो किसी अजूबे से कम नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जापान प्रेम और अब भारत में बुलेट ट्रेन को लाने की क्या तैयारी है; उस पर भी इस पुस्तक में प्रकाश डाला गया है। दिल्ली मेट्रो के दिव्य स्वप्न को धरातल पर उतारने में जापान के सहयोग को भुलाया नहीं जा सकता। मेट्रो मैन डॉक्टर ई श्रीधरन ने भी जापान का दौरा किया था और कई सारी सुविधाओं का जायज़ा लिया था।
अगर आप जापान जाने वाले हैं या कभी जीवन में जाने का लक्ष्य रखते हैं या फिर आप इच्छुक हैं जापान की संस्कृति व कला को जानने के लिए; तो आपको यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।
Dimensions
8.5 inches × 0.5 inches × 5.5 inches
0.44 pounds